Tuesday, 25 October 2011
Monday, 24 October 2011
गणेश जी की किडनैपिंग
बच्चा शिवजी से : हे भगवान मुझे कल साइकिल दिला दो.
लेकिन अगले दिन उसे साइकिल नहीं मिली. दूसरे दिन बच्चा मंदिर आया और वहां पड़ी गणेश की मूर्ति चुरा कर ले गया साथ ही एक लेटर छोड़ गया जिस पर लिखा था, “बच्चा चाहिए तो साइकिल लेकर मंदिर के पीछे आ जाओ.”
मरने के फायदे
संता शायरी करते हुए: इंश्योरेंस वाले भी क्या गजब ढाते हैं.
इंश्योरेंस एजेंट: क्या?
संता: इंश्योरेंस वाले भी क्या गजब ढाते हैं, लोगों की बीवियों के पास घंटों बैठ कर उनके पति के मरने के फायदे समझाते हैं.
Saturday, 22 October 2011
वजन कितना घट गया
मोटा भिखारी - ए भाई एक रुपया दे दे .. तीन दिन से भूखा हूं ..
पप्पू - तीन दिन से भूखा है तो एक रुपए का क्या करेगा ..??
मोटा भिखारी - वजन देखूंगा कि कितना घट गया है
पप्पू - तीन दिन से भूखा है तो एक रुपए का क्या करेगा ..??
मोटा भिखारी - वजन देखूंगा कि कितना घट गया है
टॉयलेट की सफ़ाई
डेडी: बेटा, आजकल में देख रहा हूँ कि जब भी में तुम्हारी पिटाई लगाता हूँ तो तुम कोई प्रतिक्रिया ही नहीं करते, कैसे अपना गुस्सा कंट्रोल करते हो तुम?
बेटा: में तुरंत जाकर टॉयलेट साफ करने लगता हूँ।
डेडी: इससे गुस्सा शांत करने में कैसे मदत मिलती हैं।
बेटा: वो ऐसे कि में, टॉयलेट की सफ़ाई के लिए आपका टूथ ब्रश इस्तेमाल करता हूँ।
नए जमाने की आशिकी
लड़की: मत कर मेरा पीछा, एक दिन पछताएगा, बाहर कॉलेज के सामने पानी-पुरी की दुकान लगाएगा.
लड़का: तू मत ठुकरा मेरे प्यार को, एक दिन पछताएगी, उसी पानी पुरी की दुकान पर बर्तन साफ करती नजर आएगी.
तमसो मा ज्योतिर्गमय
संस्कृत शिक्षक: बच्चों बताओ “तमसो मा ज्योतिर्गमय” का क्या मतलब होता है?
लड़का: तुम सो जाओ मां, मैं ज्योति के घर जा रहा हूं.
मैंने ज़माना छोड़ दिया
कदम थक गए है दूर निकलना छोड़ दिया,
पर ऐसा नहीं की मैंने चलना छोड़ दिया.......
फासले अक्सर मोहब्बत बढ़ा देते है,
पर ऐसा नहीं की मैंने मिलना छोड़ दिया.........
मैंने चिरागों से रोशन की है अक्सर अपनी शाम,
पर ऐसा नहीं की मैंने दिल को जलाना छोड़ दिया .......
मैं आज भी अकेला हूँ दुनिया की भीड़ में,
पर ऐसा नहीं की मैंने चलना छोड़ दिया.......
फासले अक्सर मोहब्बत बढ़ा देते है,
पर ऐसा नहीं की मैंने मिलना छोड़ दिया.........
मैंने चिरागों से रोशन की है अक्सर अपनी शाम,
पर ऐसा नहीं की मैंने दिल को जलाना छोड़ दिया .......
मैं आज भी अकेला हूँ दुनिया की भीड़ में,
पर ऐसा नहीं है की मैंने ज़माना छोड़ दिया......!!!
Friday, 21 October 2011
नया चुटकुला पुरानी हंसी
पुराना चुटकुला
नया चुटकुला
एक लड़का बस स्टॉप पर एक लड़की को तंग करने लगा, तो लड़की तैश में आकर बोली – क्यों तुम्हारे घर पर माँ, बहन नहीं हैं क्या?
लड़का बोला – हां, माँ बहन ही तो हैं इसलिए तो बाहर आकर तुमसे फ्लर्ट कर रहा हूं.
नया चुटकुला
एक लड़का बस स्टॉप पर एक लड़की को तंग करने लगा, तो लड़की तैश में आकर बोली – क्यों तुम्हारे घर पर माँ, बहन नहीं हैं क्या?
लड़का बोला – नहीं.
लड़की – तो यहाँ पर खड़े खड़े टाइमपास क्यों कर रहे हो, चलो घर पर ही चलते हैं ना.
गजनी
बंता (संता से)- गजनी में आमिर ने इतनी सौलेड बॉडी कैसे बनाई होगी?
संता (बंता से)- जब वो जिम से वापिस आता था तो 15 मिनट के बाद भूल जाता था और फिर वापिस जिम चला जाता था.
हनुमान जी की परेशानी
हनुमान जी: भगवान, अब मैं धरती पर नहीं रह सकता.
भगवान: क्यूं?
हनुमान जी: पहले लोग लेट के माथा टेकते थे, फिर थोडा सा झुक के टेकने लगे, मैं फिर भी खुश था, लेकिन अब तो घोर कलयुग आ गया है. आज मंदिर में एक लड़की आई और हाथ हिला कर बोली, “हाय,हनु ! व्हाट्स अप? मुंह क्यूं फुला रखा है?
आशिक ना होता
ताजमहल देखकर बोला शाहजहाँ का पोता
ताजमहल देखकर बोला शाहजहाँ का पोता
अपना भी होता बैंक बैलेंस
अगर दादा आशिक ना होता!
फैशन का असर
मल्लिका (सड़क किनारे खड़े एक राहगीर से) :नीली जीन्स पहने उस छोटे बाल वाले व्यक्ति को देखो तो. लड़का है या लड़की?
राहगीर : वो लडकी है और मेरी बेटी है
मल्लिका : माफ़ कीजिए मुझे पता नहीं था कि आप उसके पिता है.
राहगीर : पिता? मै उसकी मां हूं !
राहगीर : वो लडकी है और मेरी बेटी है
मल्लिका : माफ़ कीजिए मुझे पता नहीं था कि आप उसके पिता है.
राहगीर : पिता? मै उसकी मां हूं !
इंसानियत से विश्वास उठ गया
चोर एक घर में चोरी करने गया .
तिजोरी पर लिखा था “तिजोरी को तोड़ने की जरुरत नहीं है 452 नंबर प्रेस करके सामने वाला लाल बटन दबाओ, तिजोरी खुल जाएगी .
जैसे ही बटन दबा अलार्म बजा और पुलिस आ गयी .
जाते जाते चोर सेठ से बोला : आज मेरा इंसानियत से विश्वास उठ गया है !!
तिजोरी पर लिखा था “तिजोरी को तोड़ने की जरुरत नहीं है 452 नंबर प्रेस करके सामने वाला लाल बटन दबाओ, तिजोरी खुल जाएगी .
जैसे ही बटन दबा अलार्म बजा और पुलिस आ गयी .
जाते जाते चोर सेठ से बोला : आज मेरा इंसानियत से विश्वास उठ गया है !!
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